Bhoot ki kahani kahani | 4 दोस्त और एक भूतिया गाँव

Bhoot ki kahani kahani : दोस्तों यह बात है एक कॉलेज के 4 दोस्तों की जो कि एक Adventure के दौरान एक भूतिया गाँव में जा फसे। सपनों की नगरी कहे जाने वाले मुंबई शहर की रौनक तो आपको पता ही है। दरसल उसी के ही एक कॉमर्स कॉलेज में B.com Final में पढ़ रहे विजय, राहुल, करन और शीतल बहुत ही जिगरी दोस्त थे। इनकी दोस्ती पुरे कॉलेज में मशहूर थी क्यों कि ये चारों First year से ही साथ थे और एक दूसरे के बहुत ही जिगरी थे। चारों ही एक मध्यम वर्गीय परिवार से थे। पढाई और मस्ती में हमेशा आगे रहने वाला ये ग्रुप भूत प्रेत की बातों पे विश्वास नहीं करते थे सिवाए विजय के।

Bhoot ki kahani kahani

Vijay के अलावा बाकि तीनों को ही भूत प्रेतों के बारे में जानने का शौक tha. Teeno को ही भूत प्रेत, काले जादू के नाटक और फ़िल्में देखने का बहुत शौक tha. Use देखकर वे हँसते और मज़ाक udate. Unka मानना था कि ऐसा कुछ होता ही nahin. Ye बस पैसे कमाने का तरीका है और विजय उन्हें हमेशा बोलता था कि ऐसे इन सब चीज़ों का मज़ाक उड़ाना ठीक nahin. Maana कि ये लोग पैसे कमाते हैं मगर ये लोग ये सब नाटक, फ़िल्में इसीलिए बनाते क्यों कि जिस चीज़ का नाम है वो धरती पर है मगर वे लोग विजय की किसी बात को नहीं सुनते थे और फिर उसका भी मज़ाक banate. Vijay को यह सब भूतिया नाटक और फ़िल्में अच्छी नहीं लगती thi.

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Ek दिन चारों ने कॉलेज से 1 हफ्ते की छुट्टी लेकर एक Adventure करने का प्लान banaya. Ye प्लान विजय का tha. City से दूर एक पहाड़ी पर उन्होंने कैंप लगाकर पिकनिक मनाने का प्लान kiya. Agle ही दिन चारों विजय की जीप में कुछ खाने का सामान और कुछ ड्रिंक्स लेकर पिकनिक के लिए निकल gaye. Ye जगह आज तक इन चारों ने कभी नहीं देखी thi. Actually इस जगह का पता विजय ने इंटरनेट से निकाला tha. Jagah तो चलो ठीक लेकिन अगर वह वहां तक ले जाने वाले रास्ते के बारे में जान लेता तो शायद इस जगह जाने का ख्याल वह अपने दिमाग में भी नहीं laata.


Bhoot Story in Hindi

Jab उस रास्ते के लिए वे मुड़ने लगे तब वहां आस पास के लोग उन्हें घूरने लगे क्यों कि उस रास्ते कोई नहीं जाता tha. Adhe से ज़्यादा रास्ता कट जाने के बाद रास्ता थोड़ा ख़राब होता चला gaya. Wahan से थोड़ी दूर चलते ही उनकी गाड़ी अचानक बंद हो gayi. Unhone उतर कर देखा तो ना तो कोई टायर पंचर था और गाड़ी में तेल भी बहुत tha. Unhe कुछ समझ नहीं आ रहा था क्यों कि विजय ने गाड़ी की सर्विस कुछ दिन पहले ही कराई thi. Actually जहाँ उनकी गाड़ी खराब हुई थी वहां से 2 km दूर दूर तक कोई mechanic भी नहीं tha. Jab वहां कोई जाता ही नहीं तो मैकेनिक कहाँ से aaye. Sardiyon के दिन थे और शाम के 5:30 बज रहे the.

Unhe कुछ समझ नहीं आ रहा था तभी पास के एक छोटे से गाँव से उन्हें हलकी रौशनी नज़र aayi. Unka मानना था कि उस गाँव में ज़रूर कोई उनकी मदद करेगा और उस रात उन्होंने वहीँ ठहरने का socha. Rahul ने कहा कि चलो उस गाँव में चलकर कुछ मदद मांगते हैं, आज रात हम यहीं रुकते hain. Morning में हम किसी mechanic का जुगाड़ कर lenge. Wahan वे उस हलकी रौशनी के पास गए जो एक घर के पास लटकी एक लालटेन से आ रही thi. Vijay ने उस घर का दरवाज़ा खटखटा कर आवाज़ दी “कोई है” अंदर से एक बुढ़िया निकल कर aayi. Vijay ने उस बुढ़िया को सब बताया कि ऐसे ऐसे उनकी गाड़ी खराब हो गयी है और आज रात वे यहीं रुकना चाहते hain.


Bhoot ki kahani हिंदी में

उस बुढ़िया ने उन्हें इजाज़त देकर अंदर बुलाया और उन्हें वहीँ ठहर जाने को कहा और खुद पास की एक कुटिया में चली गयी। करन ने कहा, मैं गाड़ी से खाने का सामान ले आता हूँ तुम लोग यहीं रुको। जब वह खाने का सामान लेकर लौट रहा था तब उसने उस बुढ़िया को अपनी तरफ घूरते देखा। पहले वह संकपका गया फिर उसने उसे खाने का बैग दिखाकर इशारा किया कि वह ये लेने आया था, बुढ़िया ने उसे बिना कुछ बोले ऊँगली से इशारा किया कि अंदर जाओ। करन ने अंदर आकर ये सब बताया, विजय को सब कुछ बहुत अजीब लग रहा था। विजय ने सबसे बात करते हुए कहा कि तुम लोगो ने देखा यहाँ आस पास किसी घर में कोई और नहीं दिख रहा, क्या पुरे गाँव में सिर्फ यही अकेली एक बुढ़िया रहती है।

शीतल ने विजय को कहा कि वह ज़्यादा न सोचे इतनी रात को सब सोये हुए हैं तो कौन दिखेगा ? Vijay ने कहा कि नहीं, चाहे सोये हो या कहीं गए हों अगर घर में कोई रहता है तो उसकी रौनक से पता लग जाता hai. In सब घरों को देखकर लगता जैसे ये बरसों से खाली पड़े hain. Actually वहां आस पास के घरों पर या तो ताला था और नहीं तो कुण्डी लगी thi. Pure din के थके होने कि वजह से सबको नींद आ गयी और सब वहीँ सो gaye. Raat के करीब 2 बजे शीतल की आँख खुलीं, उसने देखा कि बोतल में पानी भी ख़तम hai. Usne सोचा कि उस बुढ़िया से जाकर पानी ले आती hoon. Jaise ही वह खड़ी हुई उसने जंगले में से उस बुढ़िया को हाथ में कुछ जलती लकड़ियाँ कुटिया में ले जाते देखा।


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कुटिया में से बहुत तेज़ आग की रौशनी आ रही थी, उसने सोचा रात के 2 बजे यह बुढ़िया आखिर कर क्या रही है। उसने जाकर जो देखा वह देखर उसकी आँखें फटी रह गयीं दरसल कुटिया में घना अँधेरा था, शीतल ने टोर्च जलाकर देखा तो वहाँ बुढ़िया तो दूर ऐसा लग रहा था कि इस कुटिया में सालों से कोई नहीं आया हो। चारों तरफ मकड़ी के जाले और कहीं ठहरने तक का इंतेज़ाम नहीं था। वह घबरा गयी और वापस अपने दोस्तों के पास जाने लगी तो देखा कि जहाँ वे सब ठहरे थे वहाँ कुछ नहीं है यहाँ तक कि उनकी गाड़ी भी गायब थी। शीतल चिल्ला चिल्ला कर रोने लगी तभी उसे उस कुटिया के पीछे से किसी के चिल्लाने की आवाज़ आयी। उसने जाकर जो देखा उसके होश उड़ गए।

उसने देखा कि वह बुढ़िया ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही है, वह थोड़ा और करीब गयी तो उसने देखा कि वह बुढ़िया कुछ खोपड़ी और गुड़िया रख कर काला जादू कर रही थी। शीतल की नज़र उसके पाँव पर गयी जो की उलटे थे, बुढ़िया ने जैसे ही उसकी तरफ देखा तो शीतल बेहोश हो गयी। दरसल न तो उस बुढ़िया की ऑंखें थीं और चेहरा बेहद डरावना था। सुबह जब उसे होश आया तो देखा कि वहाँ केवल खाली मैदान के अलावा कुछ नहीं hai. Uske दोस्त भी उसके पास बेहोश पड़े हैं और उनकी गाड़ी भी वहीँ hai. Usne नज़र घुमा कर देखा तो कुछ गाँव वाले पुलिस के साथ उनके पास खड़े hain. Hosh में लाने के बाद जब पूछताछ की गयी तो उन्होंने सब बताया।


Horror Story हिंदी में

Unke बयान के मुताबिक खड़े गाँव वालों के जैसे पैरों तले जमीन खिसक गयी ho. Unhone पुलिस और उन चारों को बताया कि दरसल आज से 15 साल पहले यहाँ एक बहुत प्यारा छोटा सा गाँव हुआ करता tha. Achanak न जाने कहाँ से एक पागल बुढ़िया कुटिया डालकर वहाँ जबरजस्ती रहने lagi. Uske कोई मुँह नहीं लगता था, वह काला जादू किया करती thi. Usne एक दिन गाँव के एक बच्चे को मार दिया और उस बच्चे की माँ ने उस बुढ़िया की जान ले li. Usi दिन से वह गाँव श्रापित माना जाने लगा और सब उस गाँव को छोड़ कर चले gaye. 2 साल पहले ही सरकार ने उस गाँव को तोड़ कर यह जमीन खाली की।

Police ने बताया कि उन चारों के फ़ोन पिछले एक हफ्ते से बंद hai. Sabko यकीन नहीं हुआ, विजय ने फ़ोन में कैलेंडर देखा तो उसके होश उड़ गए क्यों कि उन्हें वहाँ आये ठीक 1 हफ्ता हो चुका tha. Use कुछ समझ नहीं आ रहा था क्यों कि उसके मुताबिक वे लोग तो यहाँ कल ही आये the. Vijay ने अपने दोस्तों से यह बात किसी को न बताने को kaha. Vijay ने गाड़ी स्टार्ट की तो वह आराम से स्टार्ट हो गयी, सब अपने घर laute. Uss घटना के बाद सब ने उसे एक बुरे सपने की तरह भुला दिया मगर शीतल उस बुढ़िया के डरावने चेहरे को भुला नहीं पायी जो सिर्फ उसी ने देखा था।

Bhoot ki kahani kahani : तो दोस्तों हमारी यह कहानी “4 दोस्त और एक भूतिया गाँव” आप सबको कैसी lagi. Humko Comment करके ज़रूर बताएं। हम आगे भी आपके लिए ऐसी रोमांचक कहानियां लाते रहेंगे।

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